कोरोना फिर हुआ ताकतवर:

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एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है। कोरोना किस तेजी से अपने पांव पसार रहा है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आज इसने इस साल के सभी रिकॉर्डों को तोड़ दिया है। गुरुवार को पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के करीब 36 हजार नए केस सामने आए हैं, जो इस साल का एक दिन में दर्ज होने वाला सार्वाधिक आंकड़ा है। इतना ही नहीं, मौत के आंकड़ों ने भी सबको डरा दिया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 35871 नए केस दर्ज किए गए हैं, वहीं 172 लोगों की मौत हो गई है। एक समय जहां रिकवरी करने वाले मरीजों की संख्या जहां संक्रमितों से दोगुनी होती थी, वहीं आज यह आंकड़ा उलटा हो गया है। बीते 24 घंटे में कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 17741 है।

आज सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,14,74,605 हो गई है, जिनमें से एक्टिव केसों की संख्या 2,52,364 है। वहीं, अब तक कोरोना वायरस से 1,10,63,025 लोग ठीक हो चुके हैं और मरने वालों का आंकड़ा 1,59,216  पार कर चुका है। अब तक देश में 3,71,43,255 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है।

यहां जानना जरूरी है कि एक दिन में कोरोना वायरस के 35,871 मामले 102 दिन में संक्रमण के सर्वाधिक मामले हैं। छह दिसंबर को संक्रमण के 36,011 नए मामले सामने आए थे। इस बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,10,63,025 हो गई है जबकि मृतकों की दर 1.39 प्रतिशत है।

भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख का आंकड़ा पार कर गए थे। इसके बाद संक्रमण के मामले 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख से पार चले गए थे। वैश्विक महामारी के मामले 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ का आंकड़ा पार कर गए थे।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के मुताबिक 17 मार्च तक 23,03,13,163 नमूनों की जांच की जा चुकी है। अभी तक देश में इस वैश्विक महामारी से 1,59,216 लोगों की मौत हुई है। इनमें से महाराष्ट्र में 53,080, तमिलनाडु में 12,564, कर्नाटक में 12,407, दिल्ली में 10,948, पश्चिम बंगाल में 10,298, उत्तर प्रदेश में 8,751 और आंध्र प्रदेश में 7,186 लोगों की मौत हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि जिन लोगों की मौत हुई उनमें से 70 प्रतिशत से अधिक लोगों को अन्य बीमारियां भी थीं।

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